26 जनवरी 2022गणतंत्र दिवस ।26january 2022 Rebpublic Day ( आजादी का अमृत महोत्सव) क्यो है खास

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26 जनवरी 2022गणतंत्र दिवस ।26january 2022 Rebpublic Day ( आजादी का अमृत महोत्सव) क्यो है खास

26 जनवरी 2022गणतंत्र दिवस ।26january 2022 Rebpublic Day ( आजादी का अमृत महोत्सव) क्यो है खास

26 जनवरी 2022 को हम भारत की आजादी का महोत्सव के रूप में गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं यह आजादी के 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है गणतंत्र दिवस की प्रारंभिक संरचना को देखते हुए सन 1950 में का उदय हुआ जो कि हमारे संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने के लिए और सभी धर्म जाति परंपरा संस्कृति आदि को एक साथ समान अधिकार प्राप्त करने और समान तरह से जीवन यापन करने हेतु बाध्य है गणतंत्र दिवस का भारत जैसे विशाल देश में अपना ही अलग महत्व है दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र शासन प्रणाली भारत के अंदर है आज हम उसी लोकतंत्र के पर्व को 26 जनवरी 2022 को मनाने जा रहे हैं

रिपब्लिक डे क्या है |What is Republic Day.

भारत दुनिया का एकमात्र लोकतांत्रिक प्रणाली पर चलने वाला सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इस देश को लोकतांत्रिक बनाया है यहां के रहवासियों ने जो कि विभिन्न जाति धर्म समुदाय परंपरा संस्कृति आदि में भिन्नता होने के बाद भी सभी एक सूत्र में समान अधिकार समान व्यवहार के साथ रहते हैं एवं शरीर में आपसी मतभेद विचार होने के बाद भी राष्ट्र के प्रति सभी में एक समान आदर भाव और विचार हैं यह सभी आदर विचार और राष्ट्र के प्रति प्रेम को एकता के सूत्र में रखने का कार्य हमारे गणतंत्र का संविधान ने किया है भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़े लोकतांत्रिक प्रणाली का संविधान जिसको की दुनिया भी मानती है कि भारत जैसे विशाल साम्राज्य में जहां एक सभा अरब से अधिक की आबादी और विभिन्न जाति धर्म और समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं ऐसे विशाल साम्राज्य को एक संविधान के तहत नीचे लाना एक विशेष और एवं आश्चर्यजनक कार्य है। भारत में गणतंत्र दिवस का अपना ही महत्व है सन 1915 अगस्त 1947 को भारत को किस शासन से आजादी मिली किंतु आजादी के बाद ही इस देश में अनेक साम्राज्य अनेक रियासतें और अनिल की राजा महाराजाओं के राज्य थे इन सभी को एक सूत्र में बांधने के लिए और एक कानून एक व्यवस्था बनाने के लिए ही 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान का निर्माण किया गया और इस संविधान को भारत के अंदर रहने वाले प्रत्येक नागरिक चाहे कोई राजा हो प्रजा हो या कोई आम नागरिक सभी के लिए समान रूप से लागू किया गया और इसके द्वारा बनाए गए नीति नियमों सिद्धांतों के अनुसार ही उसको अपने अधिकार और अपने कर्तव्यों के बारे में बताया जाए इसी संविधान के द्वारा भारत के भारत सरकार राज्य सरकार प्रदेश सरकार और छोटी-छोटी पंचायत इकाइयां भी अपना कार्य करती हैं

संविधान का निर्माण कब हुआ

भारतीय संविधान के निर्माण के संबंध में 15 अगस्त 1947 को भारत का ब्रिटिश शासन से मुक्त होकर एक आजाद देश के रूप में होना ही काफी नहीं था इस आजाद भारत को एक कुशल प्रशासक प्रशासन व्यवस्था के तहत संचालन करने हेतु एक कानून की आवश्यकता थी इसको कि आज हम भारतीय संविधान के नाम से जानते हैं इस भारतीय संविधान को तैयार करने के लिए उस समय के तत्कालीन राजनेताओं द्वारा एक समिति का गठन किया गया और इस समिति के प्रमुख का पद उस समय के बैरिस्टर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी को बनाया जाए भीमराव अंबेडकर जी द्वारा देश में व्याप्त कुरीतियों ऊंच-नीच भेदभाव जाति धर्म आदि पर गहन चिंतन अध्ययन करने के बाद एवं आम नागरिक और एक राजा के लिए उसके कर्तव्य दायित्व को ध्यान में रखते हुए नीति निर्देशों का निर्माण किया गया साथ ही कुछ ऐसी शक्तियों का भी प्रयोग किया गया है इसके अंतर्गत कोई भी राज नेता या मंत्री मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री यहां तक कि न्यायपालिका के वरिष्ठ न्यायाधीश महामहिम राष्ट्रपति एवं अन्य शासकीय कर्मचारी अधिकारी और व्यवसाय पत्रकार इन सभी को अपने अपने कर्तव्य को एक नियत समय सीमा में और नियत मर्यादा में रहते हुए निर्वाह करने और अपनी बात को अन्य लोगों के समक्ष प्रस्तुत करने अपने मौलिक अधिकारों को ग्रहण करने के साथ अपने अधिकारों की बात कहने का अधिकार देने वाली ऐसी कई शक्तियों का इसमें समावेश किया गया आज भी भारत इन्हीं शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक संपन्न संपूर्ण रूप से संविधान से संचालित होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बन पाया है सन 1950 में यानी 26 जनवरी 1950 को संविधान के निर्माण को उस समय की तत्कालीन चयन समिति द्वारा प्रस्तावित किया गया और यह भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक चाहे किसी जाति धर्म समुदाय आदि का हो उसके लिए समान रूप से लागू किया गया आज इस संविधान को निर्माण किए हुए 75 वर्ष पूर्ण हो गए हैं और आज हम भारत का आजादी का अमृत महोत्सव मनाने जा रहे हैं

आजादी का अमृत महोत्सव 75 वा

भारत अपनी आजादी जो कि 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से प्राप्त हुई है उस आजादी को आज तक वर्ष पूर्ण हुए और इन्हीं 75 वर्ष के आजादी को हम आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाने जा रहे हैं जिस प्रकार भारत को ब्रिटिश शासन से आजाद हुए आज क्षेत्र वर्ष पूर्ण हो गए उसी प्रकार सन 1950 में 26 जनवरी के दिन भारत को अपने संविधान को लागू किए हुए एवं अपने भारत को उस संविधान के अंतर्गत संपूर्ण रूप से संचालन करते हुए भी लगभग 70 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और इन दोनों ही के कारण आज हम भारत के संविधान और भारत के आजादी के उत्सव को भारत के 75 वे आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाने जा रहे हैं और मेकर्

कोविड के दौरान 26 जनवरी का कार्यक्रम

26 जनवरी 2022 को भारत अपने गणतंत्र देश को या लोकतांत्रिक देश को एक को स्थापित करने में संविधान के महत्व को बताने हेतु 26 जनवरी 2022 को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है किंतु इस वर्ष भी कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए मास्क और 2 गज की दूरी को ध्यान में रखते हुए एवं सीमित संख्या में शासकीय कर्मचारियों द्वारा ही विभिन्न कार्यालयों पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मनाया जाएगा इस दौरान किसी प्रकार की भीड़ एकत्रित करने हेतु एवं ना ही किसी प्रकार की लापरवाही है तू ध्यान रखा जाएगा सीमित कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा ही गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा ताकि यह संक्रमण अन्य लोगों में ना भेजें

गणतंत्र दिवस के दिन होने वाले कार्यक्रम

26 जनवरी 2022 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में sy4 सामान्यता सुख से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिसके अंतर्गत सीमित संख्या में अधिकारी कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय पर आयोजित होने वाले झंडा वंदन एवं परेड ग्राउंड पर होने वाली सलामी को देखने हेतु उपस्थित होने हेतु कहा गया किंतु जन सामान्य को या अन्य विद्यार्थी परिषद के छात्रों बच्चों पालक हो एवं अन्य आम जनता के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों को प्रतिबंधित रखा गया है ताकि गोविंदा के नियमों का पालन किया जा सके क्योंकि वर्तमान में गोविंदा संक्रमण के अंतर्गत विक्रम नाम का वायरस काफी मात्रा से फैल रहा है इस को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन एवं केंद्र शासन द्वारा सुख रूप में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को संपन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 7:00 बजे कार्यालय मुख्यालय पर शासकीय अशासकीय पर झंडा वंदन किया जाता है एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर राष्ट्रगान का गायन किया जाता है के साथ ही मुख्य परेड ग्राउंड पर मुख्य अतिथि द्वारा झंडा वंदन राज्य शासन केंद्र शासन द्वारा दिए हुए भाषण स्पीच एवं परेड सलामी एवं बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम झांकियां आदि आयोजित किए जाते हैं किंतु covid को ध्यान में रखते हुए इस बार इस प्रकार के कार्यक्रमों में निषेद्ध किया गया है।

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