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Hindi me 21जून विश्व योगदिवस- How to do yog kriya

21जून को विश्व योगदिवस के रूप में सारे विश्व मे मनाया जाता है ।विश्व मे योग की शुरुआत भारत से हुई और आज सारे विश्व मे यह योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Hindi me 21जून विश्व योगदिवस योग क्या है?:- भारत मे योग की शुरुआत प्राचीनकाल में महान ऋषि मुनियों द्वारा की गई थी ।योग एक प्रकार की अपने आंतरिक एवम बाह्य शरीर को प्रकृति के अनुकूल बनाना और अपने अंदर के ज्ञान को जाग्रत करने की क्रिया को ही योग कहते है योग के प्रकार के होते है जैसे ध्यान योग, हठ योग ,क्रियायोग आदि ।

Hindi me 21जून विश्व योगदिवस How to yog kriya :-योग का प्रारंभ ओर अंत अनन्त है । योग करने के दौरान हम जो भी कार्य करते है उन्हें ही हम योग क्रिया के नाम से पहचानते है। सामान्यता योग क्रिया मनुष्य के शरीर के ऊपर निर्भर करती है क्योंकि हर मनुष्य के शरीर की एक अपनी सहनशक्ति होती है ।इसलिए योग के दौरान सभी योगाचार्यों द्वारा समय समय पर निर्देशित किया जाता है।

Hindi me  21जून विश्व योगदिवस

What is the type of yog kriya:- 1.कपालभाति इस क्रिया के दौरान मनुष्य समान भूमि पर सुखासन में बैठकर अपने शरीर को शीधा रखकर ओर अपने शरीर से स्वास को अंदर ओर बाहर करता है इस दौरान अपने स्वाश को थोड़े से तीव्र वेग से बाहर की ओर निकलना चाहिए ये क्रिया 1 मिनिट से लेकर 5 मिनिट तक करनी चाहिए फिर धीरे धीरे समय बढ़ाना चाहिए।इसके करने से किडनी लिवर पेनक्रियाज आतो की समस्या में लाभ मिलता है। निरंतर करने से शरीर कांतिमय हो जाता है।

2.अलोम-विलोम इस क्रिया के दौरान भी मनुष्य सुखासन में बैठकर ध्यानमुद्रा लगाकर अपने बाय हाथ के अंगूठे से बाय नाक के छेद को बंद कर दाये नाक के छेद से सामान्य गति से स्वास को अपने शरीर के अंदर खीचना है और फिर बाय नाक के छेद को बंद कर दाय छेद से सामान्य गति से स्वास को अपने शरीर से बाहर की तरफ छोड़ना है ।इसी प्रकार पुनः विष दिशा में करना है ये क्रिया भी 1मिनिट से शुरू करकर 5 मिनिट तक करना है धीरे धीरे अभ्यास बढाना है। इस क्रिया के करने से शरीर के अंदर ऑक्सीजन का स्तर बेहतर हो जाता है और शरीर मे स्फूर्ति एव रक्त का संचार बेहतर होता है रक्त हमारे शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन को लेकर जाता है।

How to surya namaskar:-योग के अंदर सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग क्रिया है जिसके अंदर मानव शरीर के हर अंग का उपयोग हो जाता है एवं यदि मानव प्रतिदिन प्रातः काल उठकर सिर्फ सूर्य नमस्कार ही करे तो वह अपने शरीर के सारे बिकार रोग को दूर कर सकता है ।

सूर्य नमस्कार करने के दौरान 12 चरणों को प्रयोग किया जाता है जिसमे भुजंगासन आदि बड़े आसन भी आ जाते है।

Important of yog in over life :-योग का मनुष्य जीवन मे एक विशेष स्थान है योग क्रिया प्राचीन भारत की एक ऐसी काल या ज्ञान जो कि जितना अधिक पुराना है उतना ही सार्थक है एक मानव के शरीर की हर क्रिया को अपने शरीर के तापमान को ,शक्ति से अनुभत करने की क्रिया को ही योग कहते है वास्तव में योग एक आयुर्वेद पर आधारित विज्ञान है।जो कही न कही मानव जीवन के प्रत्येक दिन रात की क्रियाकलापों में भी योग व्याप्त है इसलिए मनुष्य जीवन मे योग का अत्यन्त महत्व है।

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mera naam virendra sharma hai or ye mera pehla hindi blog hai mera hindi me blog shuru krne ka ek hi maqsad hai ki saqbhi ko hindi jo ki bharat ki rasht bhasha ke saath hi aam bolchal ki bhashaa hai usme bade hi seedhe or saral shabdo me logo ko blog ke madhaym se jankari dena or logo se unki vichar janna hai sath hi logo ko bloginh ke baare me batana hai

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June 14, 2020